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बीजेपी विधायक को दबंगई करना पड़ा भारी, मामला रफा-दफा करने को लगा रहे एड़ी-चोटी का जोर

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गाजीपुर। सत्ता के नशे में चूर भाजपा विधायक को जनपद में दबंगई करना बड़ा भारी पड़ गया। जंहा दबंगई के आरोप में पुलिस ने विधायक को घंटो कोतवाली में बिठाये रखा, वहीं अब व्यवसायी की तहरीर से अपना नाम निकलवाने को वह एड़ी चोटी का जोर लगा रहे है। पीड़ित मिष्ठान व्यवसायी ने उक्त बीजेपी विधायक और उनके अंगरक्षकों समेत प्रापर्टी पर दावा कर रहे दो अन्य पर भी संगीन धाराओं के तहत मुकद्दमा दर्ज करने के लिए तहरीर कोतवाली पुलिस को दिया है पर सत्ता के दबाव में अब तक मुकद्दमा दर्ज नहीं किया गया है। क्योकि मामला सत्ता पक्ष से जुड़े होने के कारण पुलिस भी दबाव में है। जबकि उनके नेताओ द्वारा न्याय को लेकर मंच से बड़ी बड़ी बाते की जाती है पर हकीकत कुछ यूँ ही दिखती है।

विधायक के अंगरक्षकों ने पीटा

गौरतलब हो कि बुद्धवार को अपने लाव-लश्कर समेत देवरिया से बीजेपी विधायक जनपद पहुंचे तथा दबंगई के बल पर प्रितिष्ठित मिष्ठान व्यवसायी की जमीन को कब्ज़ा करने पहुंचे और ताला तोड़ने लगे। मौके पर मौजूद व्यवसायी के स्टाफ ने जब उन्हें रोकने की कोशिश की तो विधायक के अंगरक्षक उसपर टूट पड़े और बल भर पीट दिए।

बड़ी मशक्त पर घंटो बाद छूटे विधायक 

मामले की जानकारी मिलते ही मिष्ठान व्यवसायी मौके पर पहुंचे। धीरे-धीरे बात पूरे नगर में फ़ैल गयी और व्यवसायी के समर्थन में पूरा शहर उमड़ पड़ा। पासा पलटे ही बीजेपी विधयक मौके से सरकने ही लगे थे कि व्यवसायी कि सुचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने विधायक और उसके समर्थको को मौके से ही धरदबोचा और कोतवाली उठा ले आयी, जंहा उन्हें कई घंटो बिठाये रखा। खबर मिलते ही कई दिग्गज बीजेपी नेता कोतवाली पहुंचे। मामला सत्ता पक्ष से जुड़े होने के कारण पुलिस ने दबाव में आकर विधायक को छोड़ दिया जबकि व्यवसायी ने नामजद तहरीर दिया है।

हस्तक्षेप ना करने का दिया था शपथ पत्र 

मामला यह है कि अपने पुत्र से दुःखित माँ ने अपनी सम्पत्ति बेटे के नाम न करके सीधे अपने पोते के नाम कर दिया, जिसपर बेटे द्वारा कोर्ट में आपत्ति दाखिल की गयी पर कोर्ट ने पोते को ही उत्तराधिकारी माना और पिता को किसी प्रकार के हस्तक्षेप करने से माना किया। उसके बाद व्यवसायी ने उस जमीन का एग्रीमेंट पोते से करा लिया लेकिन लालची बाप ने पुनः व्यवसायी को परेशां करना शुरू कर दिया। जिसपर व्यवसायी ने विवाद में न पड़ते हुए पिता को भी कई लाख रुपये चेक के माध्यम से दिए और पुनः किसी प्रकार का हस्तक्षेप न करने का कोर्ट में शपथ पत्र दिलाया।

पिता पुत्र ने मिलकर बनाई योजना

लेकिन कुछ ही दिनों बाद सम्पति के लालच में पिता पुत्र ने मिलकर व्यवसायी को लूटने की नियत लखनऊ हाई कोर्ट से नया आदेश पारित करा लिया और उसी के दम पर व्यवसायी को ब्लैकमैल करना शुरू कर दिया। दाल न गलने पर अपने रिश्तेदार बीजेपी विधायक से मिलकर जमीन कब्ज़ा करने का मन बनाया। उधर सत्ता के नशे में चूर बीजेपी विधायक ने बिना वास्तविकता जाने जमीन कब्ज़ा करने की नियत से धावा बोल दिया पर व्यवसायी के भारी पड़ जाने के कारण उसे मुँह की खानी पड़ी।

व्यवसायी पर बना रहे दबाव

व्यवसायी ने भी बीजेपी विधायक समेत अन्य पर संगीन धाराओं में मुकद्दमा दर्ज करने हेतु तहरीर बुद्धवार को ही दिया पर सत्ता के दबाव में होने के कारण पुलिस ने अभी तक मुकद्दमा दर्ज नहीं किया है। वहीं मिष्ठान व्यवसायी पर दबाव बनाया जा रहा है कि किसी भी हाल में बीजेपी विधायक का नाम वापस ले लिया जाय। जबकि मिष्ठान व्यवसायी ने ऐसा करने से साफ़ इंकार कर दिया है। कोतवाली पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच की जा रही है उसके उपरांत मुकद्दमा दर्ज किया जायेगा।

सुशासन पर लगा सवालिया निशान

अपनी दबंगई के लिए बदनाम समजवादी पार्टी के कारनामो को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने वाली और सुशासन की बड़ी बड़ी बाते करने वाली भारतीय जनता पार्टी अपने ही विधायक और नेताओ को लेकर फसती नजर आ रही है। जंहा एक ओर प्रदेश का क्राइम रेट बुलंदियों पर है वहीं इन नेताओ द्वारा अपनी ही सरकार की और किरकिरी की जा रही है। इन नेताओ के रवैये से प्रदेश की सुशासन वाली सरकार पर सवालिया निशान लग गया है, जबकि छोटी-छोटी बातों पर हल्ला मचाने वाले फसबुकियो ने इस मामले में चुप्पी साध ली है।

ठगी के मामले में हो आये है तिहाड़ जेल

बीजेपी विधायक ने जिनके लिए अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगा दी है, वह सभी ठगी के आरोप में कई वर्ष तिहाड़ जेल में रह कर आ चुके है। एक पर अपने निजी चैनल के नाम पर बैंको को कई सौ करोड़ का चुना लगाने का आरोप है तो दूसरे पर गैस एजेंसी के नाम पर लोगो से धन एठने का आरोप। अब ऐसे साफ़ सुथरी छवि वालो की पैरवी करने जनपद पहुंचे थे बीजेपी विधायक।

इनकी कारस्तानी… भड़ास मिडिया की जुबानी :–

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