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यूपी में पांच रुपये सस्ता हुआ पेट्रोल और डीजल, डॉलर की कीमत 73.5 रुपये के पार

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लखनऊ। प्रदेश सरकार ने तेल के दामों के ऐतिहासिक ऊंचाई छूने से परेशान उपभोक्ताओं को आज राहत देते हुए पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ढाई रुपये प्रति लीटर की कटौती की एलान किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रेस कांफ्रेंस में केंद्र सरकार की ओर से पेट्रोल-डीजल के दाम में ढाई रुपये प्रति लीटर की कमी करने के निर्णय के बाद यह घोषणा की। इससे राज्य में पेट्रोल-डीजल की कीमतें कुल पांच रुपये प्रति लीटर घट जाएंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार ने ईंधन की कीमतों में ढाई रुपये की कटौती का एलान किया है। लिहाजा उत्तर प्रदेश सरकार ने भी तेल के दामों में इतने ही रुपये की कमी का निर्णय लिया है। पिछले कई दिनों से यह मांग हो रही थी कि तेल के दाम में हो रही बढ़ोत्तरी में कमी लाने की दिशा में प्रयास किये जाने चाहिये। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है। यहां खपत भी सबसे ज्यादा होती है। इस राज्य में पिछले कई वर्षों से इसके दाम पर कोई अतिरिक्त कर नहीं लगाया है, लेकिन आम जनता की मदद के लिये सरकार ने यह निर्णय लिया है।

उत्तर प्रदेश में देश के कई राज्यों के मुकाबले तेल के दाम कम हैं। इस कटौती से हमें चार हजार करोड़ रुपये का सालाना नुकसान होगा, मगर जनता के हित में हमने यह कदम उठाया है। पेट्रोल और डीजल के दामों में इस कटौती से उपभोक्ताओं को खासी राहत मिलेगी। लखनऊ में आज पेट्रोल के दाम 83.35 रुपये और डीजल के दाम 75.63 रुपये थे, जो ऐतिहासिक रूप से ऊंचाई को छू चुके हैं। इसके पूर्व केन्द्र वित्त मंत्री जेटली ने दिल्ली में डीजल और पेट्रोल पर ढाई रुपये प्रति लीटर की राहत देने की घोषणा की। उन्होंने राज्य सरकारों से भी वैट में इतनी ही कटौती करने का आह्वान किया था।

डॉलर की कीमत 73.5 रुपये के पार 

1 डॉलर की कीमत 73.5 रुपये के पार निकल गई है। आज डॉलर के मुकाबले रुपया 26 पैसे की कमजोरी के साथ 73.60 के स्तर पर खुला है, जो अब तक का सबसे निचला स्तर है। वहीं खुलने के बाद डॉलर के मुकाबले रुपया 73.70 तक टूट गया। कल के कारोबार में डॉलर के मुकाबले रुपया 73.34 के स्तर पर बंद हुआ था। डॉलर के मुकाबले रुपये के 70 के स्तर पार पहुंचने का असर कच्चे तेल के आयात पर हो सकता है। आयात महंगा होगा तो ऑयल मार्केटिंग कंपनियां पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा सकती हैं। देश में खाने-पीने की चीजों और दूसरे जरूरी सामानों के ट्रांसपोर्टेशन के लिए डीजल का इस्तेमाल होता है। ऐसे में डीजल महंगा होते ही इन सारी जरूरी चीजों के दाम बढ़ेगा। साबुन, शैंपू, पेंट इंडस्ट्री की लागत बढ़ेगी, जिससे ये प्रोडेक्ट भी महंगे हो सकते हैं।