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संगीता बलवंत ने निभाया अपना वादा, काटे की टक्कर में भी भाजपा को जीताया

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गाजीपुर। चार बार से लगातार नगर पालिका अध्यक्ष पद भाजपा के कब्जे में था पर सपा और बसपा के दमदार प्रत्याशियों के कारण इस बार मामला कुछ बिगड़ता सा प्रतीत हो रहा था कि ऐन वक्त पर चुनाव की कमान सदर विधायक डॉ. संगीता बलवंत ने अपने हाथो में ले ली और ताबड़तोड़ प्रचार और नुक्कड़ सभाओ से भाजपा को पांचवी बार नगर पालिका अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठा दिया। बीजेपी को 15721 मत जबकि दूसरे पायदान पर सपा की प्रेमा सिंह- 12971 मत, तीसरे पर बसपा की सफरुन 12701 मत रही। 2750 मतों से बीजेपी की सरिता अग्रवाल को विजयी घोषित किया गया। जनता ने भी जीत का श्रेय सदर विधायक को ही दिया क्योकि पूर्व चेयरमैन विनोद अग्रवाल से लोग काफी असंतुष्ट थे।

सपा ने बनाया रिकार्ड

आकड़ो के अनुसार सपा ने नगर क्षेत्र में अपने वोट बैंक में जबरजस्त इजाफा किया है, वही भाजपा को सेंधमारी के कारण उम्मीद से कम वोट मिले पर बसपा और सपा की आपसी खींचतान में 2750 मतो से आगे निकल गई और सपा और बसपा को मुँह की खानी पड़ी। सपा को नगर क्षेत्र में 12971 मत मिले जो अब तक का उनकी पार्टी का सर्वाधिक स्कोर है, जबकि अल्पसंख्यकों ने पिछली बार की तरह इस बार भी सपा को वोट नहीं किया।

लहर में भी आना पड़ा योगी आदित्यनाथ को

सपा ने भाजपा को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी थी। उसने पूर्व सांसद विश्वनाथ सिंह गहमरी के बेटी और प्रमुख समाजसेवी विवेक सिंह शम्मी की माता पर अपना दांव लगाया। लोगो में पूर्व चेयरमैन को लेकर बढ़ रहे आक्रोश एवं शम्मी की लोकप्रियता से घबरा कर भाजपा के शीर्ष नेताओ ने हिन्दू मतो को साधने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गाजीपुर बुला डाला और असर दिखा भी दिया।

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संगीता ने चुकाया विनोद का कर्ज

प्रचंड मोदी लहर के बावजूद सदर विधान सभा से भाजपा प्रत्याशी ने प्रचार में कोई कसर नहीं छोड़ी थी, वंही नगर क्षेत्र में तत्कालीन चेयरमैन विनोद अग्रवाल ने भी उनका भरपूर साथ दिया और डॉ. संगीता बलवंत को तीस हजार से भी ज्यादा मतो से विजयी बनाया था। इस निकाय चुनाव में डॉ. संगीता बलवंत ने रात दिन एक कर भाजपा प्रत्याशी सरिता अग्रवाल संग कदम से कदम मिला पूरा नगर क्षेत्र कई बार रौद डाला। जिसका परिणाम यह हुआ कि लोगो ने अपनी नाराजगी भुला सदर विधायक का साथ दिया और सरिता अग्रवाल को 2750 मतों से विजयी बनाया।

एक बार फिर अनलकी साबित हुए विजय मिश्रा

अपने प्रत्याशी के लिए एक बार फिर पूर्व मंत्री विजय मिश्रा अनलकी साबित हुए जिसकी सोशल मिडिया पर जबरजस्त चर्चा है। लोगो के अनुसार “पहले शिवकन्या फिर संतोष यादव और अब शरीफ भाई को निगल गए”, वंही चुटकी लेते हुए कुछ पूर्व समर्थको ने कहा कि ‘स’ नाम वाले बाबा को सूट नहीं करते।

Sun Infotech

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