गंगा जलस्तर बढ़ने से दो स्थानों पर घाटों का संपर्क टूटा

गंगा जलस्तर बढ़ने से दो स्थानों पर घाटों का संपर्क टूटा

काशी में तेजी से बढ़ता गंगा का जलस्तर अब डराने लगा है। बीते 36 घंटों के दौरान जलस्तर में डेढ़ फुट से ज्यादा की वृद्धि हुई है। बढ़ते जलस्तर से घाटों का सम्पर्क मार्ग भी टूटने लगा है। सोमवार को शिवाला घाट से हनुमान घाट और ललिता घाट से मणिकर्णिकाघाट की तरफ जाने वाले घाट के रास्ते पर पानी भर गया। दशाश्वमेध घाट पर जलस्तर गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली गंगा आरती स्थल से गंगा का जल चार सीढ़ियां नीचे ही रह गया है। बढ़ाव का आलम यह है कि बीते 24 घंटों में जलस्तर वृद्धि की गति प्रति घंटा एक से दो सेंटीमीटर रही है, लेकिन सोमवार को सुबह आठ बजे से रात आठ बजे के बीच यह रफ्तार प्रति घंटे दो से तीन सेंटीमीटर हो गई। केन्द्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार सोमवार को सुबह आठ बजे तक 62.20 सायं छह बजे तक 62.43 तथा रात आठ बजे तक सात सेंटीमीटर बढ़ोतरी के साथ जलस्तर 62.50 मीटर दर्ज किया गया था। रविवार को सुबह आठ बजे तक जलस्तर 61.97 और रात आठ  बजे तक 62.09 मीटर था। गंगा में बढ़ाव से नाविक भी सतर्क हो गए हैं। नाविक प्रमोद माझी ने बताया कि छोटी नावों को खोलने और उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। बढ़ाव के कारण शिवाला घाट का सबसे बड़ा प्लेटफार्म पानी में डूब चुका है। उस रास्ते पर बड़ी नौकाओं को बांधा गया है। ललिता घाट से मणिकर्णिकाघाट की तरफ विश्वनाथ कॉरिडोर के लिए बना कच्चा स्लोप पानी में डूबने लगा है। वहीं भदैनी से पंचकोट घाट जाने वाले रास्ते से पानी महज एक फुट नीचे रह गया है।

adminpurvanchal

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