10 चिकित्सा अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक

10 चिकित्सा अधिकारियों के वेतन आहरण पर रोक

बलिया : कोविड-19 में दिये गये दायित्वों के निर्वहन में शिथिलता बरते जाने पर जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने दस अपर व उप मुख्य चिकित्साधिकारियों के खिलाफ कड़ा रूख अख्तियार किया है। डीएम ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को पत्र लिखकर कहा है कि ये सभी चिकित्साधिकारी जबतक प्राथमिक / सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का कार्यभार न छोड़ें तथा वहां नए प्रभारी चिकित्साधिकारी / अधीक्षक की तैनाती नहीं होती है, तबतक उनके वेतन आहरण पर रोक लगाएं। डीएम ने प्रभारी चिकित्साधिकारी या अधीक्षक के रूप में इनके द्वारा किए जाने वाले किसी प्रकार के आहरण पर भी तत्काल प्रभाव से रोक लगाने को कहा है।जिलाधिकारी ने सीएमओ को पत्र लिखकर अवगत कराया है कि मुख्यमंत्री तथा शासन के निर्देश के क्रम में अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कोविड-19 संबंधी व्यवस्थाओं का दायित्व दिया गया है। लेकिन इनके द्वारा प्रावधानों से इतर अभी तक विभिन्न प्राथमिक/ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी/ अधीक्षक का ही कार्य देखा जा रहा है। इन लोगों ने अपना मुख्यालय भी जनपद स्तर से दूर सामुदायिक/ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर ही बनाया गया है। इसके चलते उनके द्वारा कोविड-19 में दिए गए दायित्व का निर्वहन पूरी तरह से नहीं किया जा रहा है। इस काम में वे कम तथा प्राथमिक समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सम्बंधी कार्यों में अधिक समय दे रहे हैं। लिखा है कि बार-बार पत्र लिखने के बावजूद ये चिकित्साधिकारी सीएचसी-पीएचसी पर ही अपनी तैनाती व निवास बनाए रखे हैं। इन चिकित्साधिकारियों का रोका वेतनअपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार तिवारी सीएचसी बांसडीह, डॉ. नवीन कुमार सिंह सीएचसी सोनबरसा, डॉ वीरेंद्र कुमार सीएचसी रसड़ा, डॉ विजय यादव सीएचसी सोनबरसा, डॉ अजय कुमार तिवारी सीएचसी सिकंदरपुर व डॉ आनंद कुमार सीएचसी नरहीं तथा उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ जीपी चौधरी सीएचसी सीयर, डॉ मुकेश साहनी पीएचसी सरायभारती, डॉ विनोद कुमार सिंह सीएचसी खेजुरी व डा. एके मिश्र पीएचसी पंदह। सीएमओ स्तर से भी हुई लापरवाहीडीएम की ओर से लिखे पत्र को देखें तो कोविड-19 में निर्धारित दायित्वों के निर्वहन के मामले में में मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से भी लापरवाही सामने आयी है। डीएम ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों से प्राथमिक / सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी / अधीक्षक का कार्यभार हटाकर उपयुक्त चिकित्साधिकारी को प्रभारी चिकित्साधिकारी का कार्यभार देने के सम्बंध में 11 फरवरी, 17 जुलाई, 20 जुलाई व सात अगस्त को सीएमओ को पत्र लिखा लेकिन उक्त पत्रों के क्रम में सीएमओ स्तर से न तो व्यवस्था बनायी गयी है और न ही उन पत्रों का संज्ञान लेते हुए उनका जवाब ही दिया गया है। इसके चलते कोविड-19 सम्बंधी व्यवस्था व दायित्वों का निर्वहन नहीं हो पा रहा है। आनन-फानन में सीएमओ ने जारी किया पत्रबलिया। जिलाधिकारी श्रीहिर प्रताप शाही द्वारा अपर व उप मुख्य चिकित्साधिकारियों के वेतन रोकने के आदेश के बाद स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गयी। आनन-फानन में सीएमओ ने भी चिकित्साधिकारियों के लिए पत्र जारी कर दिया। सीएमओ ने तत्काल प्रभाव से डॉ. सुधीर कुमार तिवारी सीएचसी बांसडीह, डॉ. नवीन सिंह सीएचसी सोनबरसा, डॉ वीरेंद्र कुमार मिश्र सीएचसी रसड़ा, डॉ विजय यादव सीएचसी सोनबरसा, डॉ अजय कुमार तिवारी सीएचसी सिकंदरपुर व डॉ आनंद कुमार सीएचसी नरही को तत्काल प्रभाव से मुख्यालय का कार्य करने का आदेश दिया है। अब इन चिकित्साधिकारियों के स्थान पर डॉ संजय वर्मा सीएचसी बांसडीह, डॉ आशीष श्रीवास्तव सीएचसी सोनबरसा, डॉक्टर पीसी भारती सीएचसी रसड़ा, डॉ व्यास कुमार सीएचसी सिकंदरपुर व डॉ साकेत बिहारी सीाएचसी नरहीं का प्रभार दिया गया है। अब देखना है कि वेतन आहरण पर रोक के आदेश के बाद ये चिकित्साधिकारियों अपने नए दायित्वों को निभाने के लिए किस प्रकार जिला मुख्यालय पर अपनी सेवा देते हैं।

adminpurvanchal

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