अफजाल अंसारी जन्‍मदिन पर विशेष’ विकट परिस्थितियो में धैर्य ने अफजाल अंसारी को बना दिया सियासत का सिकंदर

अफजाल अंसारी जन्‍मदिन पर विशेष’ विकट परिस्थितियो में धैर्य ने अफजाल अंसारी को बना दिया सियासत का सिकंदर

गाजीपुर :  विकट परिस्थितियो में धैर्य से कार्य करने की क्षमता ही अफजाल अंसारी को पूर्वांचल की राजनीति में सिकंदर बना दिया। अपने विशिष्‍ट कार्यशैली से अफजाल अंसारी मुहम्‍मदाबाद विधानसभा से पांच बार विधायक चुने गये और गाजीपुर लोकसभा क्षेत्र से दूसरी बार सांसद निर्वाचित हुए है। बिना जाति समीकरण से पांच बार मुहम्‍मदाबाद क्षेत्र का प्रतिनिधित्‍व कर अफजाल अंसारी ने साबित कर दिया कि चुनाव जितने के लिए जाति की नही बल्कि व्‍यक्ति की सम्‍मान की जरूरत होती है। अगर व्‍यक्ति दूसरे व्‍यक्ति का सम्‍मान करेगा तो निश्चित ही उसको सम्‍मान मिलेगा। अफजाल अंसारी का जन्‍म 14 अगस्‍त 1953 हुआ, उनकी मां का नाम राबिया बेगम और पिता का नाम सुभानुउल्‍लाह अंसारी है। फजाल अंसारी के तीन भाई और तीन बहने है। उनकी शिक्षा-दिक्षा मुहम्‍मदाबाद और पीजी कालेज गाजीपुर में हुई है। पहली बार कम्‍न्‍यूनिष्‍ट पार्टी के सिंबल पर 1985 में विधायक चुने गये थे इसके बाद लगातार पांच बार विधायक निर्वाचित हुए। समाजवादी पार्टी के टिकट पर पहली बार 2004 में गाजीपुर लोकसभा से सांसद चुने गये और दूसरी बार 2019 में रेल राज्‍य मंत्री मनोज सिन्‍हा को पराजित कर लोकसभा में पहुंचे।  अपनी कार्यशैली के बारे में गाजीपुर न्यूज़ टीम से वार्ता करते हुए बताया कि व्‍यक्ति का व्‍यक्ति के प्रति बुलंद एकलाख होना चाहिए। कभी भी व्‍यक्ति के मजबूरी का फायदा नही उठाना चाहिए। विकट परिस्थितियो में भी धैर्य न खोये और गंभीरता पूर्वंक लक्ष्‍य के प्रति समर्पण भाव से कार्य करते रहे सफलता अवश्‍य मिलेगी। यही है मेरे सफलता का राज। आप दूसरे को सम्‍मान देंगे तो दूसरे भी आपको इज्‍जत देंगे। सांसद अफजाल अंसारी का 14 अगस्‍त शुक्रवार को 68  वां जन्‍मदिन उनके निवास स्‍थान युसूफपुर मुहम्‍मदाबाद में मनाया जायेगा।

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