मुख्तार की भाभी के नाम से पहले हुआ अवैध निर्माण, भवन बनने के बाद पास हुआ नक्शा

मुख्तार की भाभी के नाम से पहले हुआ अवैध निर्माण, भवन बनने के बाद पास हुआ नक्शा

लखनऊ : मुख्तार अंसारी के बड़े भाई अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर डालीबाग में किलानुमान मकान पहले बिना नक्शा पास करवाए ही बनवा लिया गया था। बनवाने के बाद रसूख औीर फर्जी कागजों की दम पर एलडीए से नक्शा भी पास करवाया गया। ये कंपाउंडिंग मैप साल 2007 में पास करवाया गया था। निर्माण पूरा होने पर कोई कार्रवाई न कर के नक्शा पास कर दिया गया था।  गाटा संख्या 93 की सभी खातेदारी निरस्त होने के बाद एलडीए अब इस मानचित्र को निरस्त करने की तैयारी में लगा हुआ है। ये तैयारी फिलहाल जमीन पर नहीं उतर सकी है। केवल घोषणा तक ही सीमित है।अफजाल अंसारी की पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर निष्क्रांत संपत्ति (आठ मार्च 1954 के बाद पाकिस्तान गए लोगों की संपत्ति जो कि अब सरकारी है।) गाटा संख्या 93 का तीसरा निर्माण है, जिस पर अभी तक कार्रवाई नहीं की है। डीएम प्रशासन ने इस संपत्ति की भी खातेदारी निरस्त कर दी है। एलडीए ने इस निर्माण का नक्शा साल 2007 में पास किया था। मगर इस निर्माण पहले ही हो गया था। 1998 में इस निर्माण के लिए एक नक्शे का आवेदन किया गया था। मगर कमियां होने की वजह से नक्शा पास नहीं किया गया था। फिर भी निर्माण शुरू हो गया। मगर इसको न तोड़ा गया है और न ही कोई कार्रवाई ही की गई।  मगर 2007 में जब सपा की सरकार का अंतिम समय था तब नक्शा 31 जनवरी को पास किया गया था। एलडीए ने जो कार्रवाई गुरुवार को की थी वह गाटा संख्या 93 के 21 ए/14ए/1 और 21/216 ए पर किया गया है। मगर जिलाधिकारी कार्यालय से जो पत्र एलडीए को 14 अगस्त को लिखा गया था, उसमें फरहत अंसारी के नाम तीसरा भवन भी था। जिसका मकान नंबर 21 /14बी है। एलडीए के एक अधिकारी ने बताया कि इस भवन का नक्शा भी एलडीए से पास किया गया है। मगर उसका ध्वस्तीकरण नहीं किया गया है। यहां तक की अभी तक एलडीए की ओर से कोई नोटिस तक भी जारी नहीं की गई है।दूसरी ओर प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया कि फरहत अंसारी के नाम पर नक्शा सामान्य तरीके से नहीं पास किया गया था। पहले पूरा निर्माण हो चुका था। निर्माण नक्शा न होने की वजह से उस पर अवैध निर्माण की कार्रवाई की जानी थी जो कि नहीं की गई। इसकी जगह हो चुके निर्माण का शमन मानचित्र जरूर एलडीए ने पास कर के जारी कर दिया। जिससे एलडीए अफसरों पर मुख्तार परिवार का रसूख साफ समझा जा सकता है।

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