मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम अब बनारस, राज्यपाल की मुहर के बाद अधिसूचना जारी

मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम अब बनारस, राज्यपाल की मुहर के बाद अधिसूचना जारी

वाराणसी : जिले में स्थित पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर बनारस कर दिया गया है। अब अंग्रेजी और हिंदी में बनारस ही लिखा जाएगा। मंडुवाडीह का नाम बनारस रखने के केंद्र सरकार के अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के आधार पर गुरुवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अपनी अनुमति दे दी। इसके बाद उत्तर प्रदेश के लोक निर्माण विभाग ने इस आशय की अधिसूचना जारी कर दी है। साथ ही केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके यह जानकारी साझा की है। वहीं पूर्वोत्तर रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि आधिकारिक पुष्टि के लिए रेलवे बोर्ड के पत्र का इंतजार किया जा रहा है।  रेल मंत्री रहते मनोज सिन्हा ने मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का कायाकल्प और विस्तार करा के इसे नई पहचान दिलाई थी। तब यह इच्छा भी जतायी गई थी कि इस स्टेशन का नामकरण बनारस के नाम से हो। वाराणसी के जिलाधिकारी ने शासन को मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम बदल कर बनारस करने का प्रस्ताव भेजा था। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव को केंद्र सरकार के रेल मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजा था।  वाराणसी जिले के मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम अब बनारस रेलवे स्टेशन हो गया है। केंद्र की अधिसूचना के बाद राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी इस पर मुहर लगा दी। प्रमुख सचिव शासन नितनि रमेश गोकर्ण की ओर से इस आशय का पत्र भी जारी कर दिया गया है। इसमें लिखा गया है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, इस अधिसूचना के निर्गत होने की तिथि से गृह मंत्रालय भारत सरकार के पत्र द्वारा दी गई अनापत्ति के क्रम में वाराणसी जिले में स्थित मंडुआडीह रेलवे स्टेशन का नाम सहर्ष परिवर्तित करते हैं। अब यह अंग्रेजी और हिंदी में बनारस होगा। केंद्र और राज्य सरकार की अधिसूचना के बाद अब मंडुआडीह रेलवे स्टेशन की पहचान बनारस के रूप में होगी। लंबे समय से इसकी मांग भी हो रही थी। लंबे सफर के बाद जब ट्रेन इस स्टेशन पर ठहरती थी और लोग बनारस पहुंचने की बात कहकर जब ट्रेन से उतरने लगते थे तो पर्यटकों में भ्रम की स्थित उत्पन्न होती थी क्योंकि अंतरराष्ट्रीय फलक पर मंडुआडीह के नाम से लोग अनजान थे। अब किसी तरह के भ्रम की स्थिति नहीं होगी। बोलचाल में सर्वमान्य बनारस नाम को भी एक स्थायत्वि मिल गया।

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