लिखने, बोलने और समझने में सरल भाषा है हिन्दी : जनपद न्यायाधीश

लिखने, बोलने और समझने में सरल भाषा है हिन्दी : जनपद न्यायाधीश

गाजीपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जनपद न्यायाधीश के निर्देशन में 16 सितम्बर की शाम 4:30 बजे जनपद न्यायालय के दसकक्षीय सभागार में हिन्दी पखवारा पर गोष्ठी का आयोजन किया गया। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष राघवेन्द्र ने बताया गया कि देश में अनेक भाषा, जाति, धर्म के लोग रहते है। इस देश के लोगों का रिश्ता एक राज्य से दूसरे राज्य के साथ जुड़ा हुआ है। व्यापार और संस्कृति के कारण हम सभी लोग एक दूसरे के साथ जुड़े हुए हैं। इसके साथ उन सभी के बीच सही प्रकार के व्यवहारिकता को कायम रखने के लिए एक ऐसी भाषा होनी चाहिए, जो सबको समझ में आसान से आय जाय। हिन्दी ही एक ऐसी भाषा है, जो लिखने, बोलने तथा समझने में सरल भाषा है। हिन्दी दिवस/पखवारा इसलिए मनाया जाता है कि हिन्दी का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार हो और सम्मान हो, क्योंकि यही हमारी पहचान है और स्वाभिमान है। हिन्दी हमारे देख की संस्कृति एवं संस्कारों का प्रतिबिंब है। राष्ट्र की एकता, अखण्डता व बंधुत्व के लिए राष्ट्रीय स्तर पर हिन्दी भाष की महानता होनी चाहिए। कार्यक्रम का संचालन करते हुए तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संजय सिंह ने बताया कि जब भारतीय संविधान बनकर तैयार हुआ था, तो अंग्रेजी में बनकर तैयार हुआ था तथा काफी संघर्ष के बाद राष्ट्रपति के आदेश में हिन्दी में रूपांतरण हुआ। इस मौके पर गौरव कुमार, शाम्भवी, रामप्रताप यादव, तारिक सिद्दिकी, लियाकत अली, सीताराम राय आदि ने विचार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान सभी न्यायिक अधिकारी, बार संघ के अधिवक्ता, न्यायालय के कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी आदि उपस्थित रहे।

adminpurvanchal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *