निजीकरण की प्रक्रिया पर अड़ा है प्रबंधन, स्वीकार्य नहीं : निर्भय सिंह

निजीकरण की प्रक्रिया पर अड़ा है प्रबंधन,  स्वीकार्य नहीं : निर्भय सिंह

गाजीपुर। निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल और सामूहिक जेल भरो आंदोलन को लेकर रविवार लालदरवाजा पावर हाउस में विद्युत संयुक्त संघर्ष समिति की आपातकालीन बैठक की गयी। इसमें निजीकरण को लेकर रणनीति तय की गयी। जिला संयोजक निर्भय नारायण सिंह बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि वार्ता बेनतीजा रहा है। किसी भी कर्मचारी का दमन या गिरफ्तारी होने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और सामूहिक जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन को लेकर अपर मुख्य सचिव ऊर्जा से संघर्ष समिति की वार्ता हुई। प्रबंधन के निजीकरण की ज़िद और हठवादिता के चलते वार्ता का कोई नतीजा नहीं निकला। प्रबंधन निजीकरण की प्रक्रिया चलाए रखने पर अड़ा हुआ है, जो स्वीकार्य नहीं है। प्रबंधन की ओर से जारी किए गए आदेशों के अनुसार चार अक्टूबर की रात 10:00 बजे से बिजली उत्पादन गृहों, पारेषण के विद्युत उपकेंद्र और प्रणाली नियंत्रण की शिफ्ट में कार्यरत कर्मचारियों, जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओं से चार्ज लेने की योजना है। पावर ग्रिड, एनटीपीसी और पोसोको के लोग चार्ज लेने के लिए सुबह लखनऊ आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी नोटिस कार्य बहिष्कार की है, हड़ताल की नहीं। हमारी नोटिस में साफ लिखा है कि उत्पादन ग्रहों, पारेषण 765, 400 केवी उपकेंद्र और सिस्टम ऑपरेशन की शिफ्ट में कार्य करने वाले कर्मी कार्य बहिष्कार में सम्मिलित नहीं होंगे। इससे जनता को तकलीफ ना हो। फिर भी इन स्थानों पर शिफ्ट में कार्य कर रहे कर्मियों से चार अक्टूबर की रात 10:00 बजे उनका कार्यभार छीनने के लिए बाहरी लोगों की तैनाती के आदेश जारी कर दिए गए हैं। ऐसे में पावर कारपोरेशन प्रबंधन साफ तौर पर हमारे ऊपर हड़ताल थोप रहा है। ऐसी परिस्थिति आने पर संघर्ष समिति के निर्देश के अनुसार यदि बिजली उत्पादन ग्रहों 765, 400 केवीए विद्युत उपकेंद्र और सिस्टम ऑपरेशन में शिफ्ट में कार्यरत हमारे कर्मचारियों से जबरदस्ती चार्ज लिया जाता है, तो वह पहले तो इसका प्रतिरोध करेंगे और लॉग बुक में साफ तौर पर यह लिखेंगे कि वह कार्य बहिष्कार में सम्मिलित नहीं है फिर भी उनसे कार्यभार छीना जा रहा है ऐसे में उन्हें मजबूरन चार्ज देकर जाना पड़ रहा है। संगठन के सह संयोजक ई. संतोष मौर्या ने कहा कि किसी कर्मचारी को कहीं पर भी गिरफ्तार किया जाता है, तो उसकी सूचना तुरंत केंद्रीय संघर्ष समिति को दी जाए। संघर्ष समिति की नोटिस के अनुसार यदि किसी भी कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया, तो अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। शुरू होगा सामूहिक जेल भरो आंदोलन। प्रबंधन की ओर से जबरिया हड़ताल थोपे जाने की परिस्थितियों को देखते हुए सभी का आह्वान है कि ऐसी परिस्थिति आने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने और सामूहिक जेल भरो आंदोलन प्रारंभ करने के लिए पूरी तरह से तैयार रहें। जेल भरो आंदोलन राजधानी लखनऊ सहित प्रत्येक परियोजना व जनपद में चलाया जाएगा। जेल भरो आंदोलन के तहत प्रत्येक दिन सभी कर्मी एक स्थान पर एकत्र होंगे और जिन्हें जेल जाना है वे अपनी जरूरत का सामान बैग में लेकर आएंगे और सामूहिक तौर पर निर्भय होकर गिरफ्तारियां देंगे। संघर्ष समिति की सभी  सभी जनपद व परियोजना इकाइयां यह सुनिश्चित कर ले कि प्रत्येक दिन लगभग 20% कर्मचारियों जूनियर इंजीनियरों व अभियंताओं को गिरफ्तारी देनी है ।तत्काल इसकी रूपरेखा तैयार कर ली जाए और कम से कम 10 दिन की सूचियां तुरंत बना ली जाएं। सारे कार्यक्रम की सूचना प्रेस विज्ञप्ति के जरिए प्रतिदिन मीडिया /समाचार पत्रों में  दी जाए। ई. शिवम राय ने अपील करते कर्मचारियों को कहा कि अरबों, खरबों रुपए की परिसंपत्तियों जिस प्रकार निजी घरानों को बेची जा रही है, उसके विरोध में हम प्रदेश के और कर्मचारियों के व्यापक हित में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किंतु प्रबंधन अपनी विफलता छिपाने के लिए हमारे ऊपर हड़ताल थोप रहा है। कहा कि एक ही आह्वान है “न च दैन्यं न पलायनम्” अतः अब समय आ गया है कि अपनी फौलादी एकता बनाए रखते हुए प्रबंधन द्वारा मजबूर किए जाने पर अनिश्चितकालीन हड़ताल और जेल भरो आंदोलन पूरी शक्ति के साथ निर्भय होकर प्रारम्भ किया जाए। इस मौके पर अधिशासी अभियंता मनीष कुमार, महेंद्र मिश्रा, आदित्य पांडेय, आशीष चौहान, जिला संरक्षक शिवदर्शन सिंह, सहायक अभियंता विजय यादव, शत्रुघ्न यादव, अमित कुमार, मिठाईलाल, सत्यनारायण चौरसिया, अवर अभियंता इंद्रजीत पटेल, अविनास सिंह, रोहित कुमार, तपस कुमार, वीरबहादुर लाल, नीरज सोनी, मिथिलेश यादव, प्रमोद यादव, विनोद राम, प्रभाकर पांडेय, सुधीर सिंह, विजयशंकर राय, गुप्तेश्वर राम, रविन्द्र यादव, सुरेश सिंह, अनुराग सिंह, अजय विश्वकर्मा, प्रवीण सिंह, भानु कुशवाहा, तेजस्व, विंध्याचल यादव, जीवन वर्मा, धर्मेंद्र यादव, अशोक यादव, विजय पटेल, पियूष कुमार, पीताम्बर कुशवाह, अरविन्द कुशवाहा, संतोष कश्यप, गुप्तेश्वर राम, अखिलेश, अरविंद कुशवाहा, राकेश त्यागी, वीरेंद्र पासवान, सलीम अंसारी, संदीप कुमार, अनमोल मिश्रा, अमित सिंह, अश्वनी सिंह, प्रवीण पांडेय, वीरेन्द्र मौर्या, महेश त्रिपाठी, अजय विश्वकर्मा, प्रवीण सिंह, विनय तिवारी आदि मौजूद रहे।

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