लकड़ी के बक्से में मिली नवजात बच्ची को अपनाना चाहता है गुल्लू मल्लाह

लकड़ी के बक्से में मिली नवजात बच्ची को अपनाना चाहता है गुल्लू मल्लाह
– पुलिस से अपने पास लेने के लिए डीएम को पत्र लिखकर मल्लाह ने लगायी गुहार
– शहर के ददरीघाट पर लकड़ी के बक्से में देवी-देवताओं की फोटो के साथ मिली बच्ची की कुंडली 
गाजीपुर। मोक्षदायिनी गंगा में कुछ दिन पहले जहां उतराये शवों के मिलने का सिलसिला शुरू था, तो वहीं एक लकड़ी के बक्से में एक नवजात बच्ची को पाया गया है। यही नहीं गंगा में जिस लकड़ी के बक्से में इस  बच्ची को पाया गया है, उसमें देवी-देवताओं की फोटो सहित उस बच्ची की कुंडली भी मिली है। जिससे बच्ची 21 दिन की बतायी जा रही है। यह लकड़ी का बक्सा गंगा घाट किनारे रहने वाले गुल्लू चौधरी मल्लाह के  हाथ लगा। जिसे पाने के बाद मल्लाह परिवार इसे अपनाने के लिए तैयार है, पर इसकी जानकारी किसी तरह पुलिस को हो जाने के बाद उसे अपने साथ ले गयी, जिससे उस बक्से को पाने वाले मल्लाह के परिवार में मायूसी बनी है। उसे अपनाने के लिए उस मल्लाह ने जिलाधिकारी को पत्र देकर गुहार लगायी है, जहां जिलाधिकारी ने एक सप्ताह तक इंतजार करने को कहा है। गंगा में मरे हुए लोगों के बहाने और फिर उन्हें जिंदा मिल जाने की कहानियां बहुत सुनी गयी होगी, लेकिन गाजीपुर में सोमवार यह हकीकत देखने को मिली, जब सदर कोतवाली क्षेत्र के  ददरीघाट किनारे एक लकड़ी के बॉक्स में एक बच्ची के रोने की आवाज वहां स्थित लोगों को सुनायी दी। जब इसकी जानकारी घाट के किनारे रहने वाले गुल्लू मल्लाह के परिवार को हुई, तो वह कुछ लोगों के साथ पानी में प्रवेश कर उस लकड़ी के बॉक्स को वहां से निकालकर बाहर ले आया। जहां उसे खोलने पर देखा गया कि उसमें एक बच्ची रो रही थी। यह देखकर सभी अवाक रह गए। इतना ही नहीं उस बॉक्स में मां दुर्गा और भगवान विष्णु सहित कई देवी-देवताओं की चित्र भी थी। बच्ची के कमर में चुंदरी बाधी थी। इसके साथ ही बच्ची की कुंडली भी उसमें रखी हुई थी। जिसमें उसका नामकरण गंगा किया गया था। मल्लाह परिवार द्वारा उस बच्ची को पाए जाने के बाद उसे अपने घर लाया गया और उसे फिर नहला-धुला साफ-सुथरा कर अपने घर रखा गया। तभी तेज बारिश होने लगी। कई घंटे बारिश के चलते मल्लाह का परिवार इसकी सूचना पुलिस को नहीं दे पाया। तभी देर शाम सिविल ड्रेस में एक युवक और एक युवती उसके घर पहुंचे और बच्ची की मांग करने लगे। तब मल्लाह का परिवार उसे देने से इनकार कर दिया। तब इसकी सूचना पर वहां पुलिस पहुंच गयी। जहां बच्ची के साथ मिले हुए सभी सामानों को लेकर कोतवाली चली आयी और बच्ची को पुलिस को सुपुर्द कर दिया गया। पर गुल्लू मल्लाह का परिवार उस बच्ची को किसी देवी का रूप मानते हुए इतना मोहित हो गया है कि वह अब बच्ची को पालने की मिमांशा जग गयी है। गुल्लू मल्लहा का परिवार बच्ची को पाने के लिए जिलाधिकारी को एक पत्र सौंपकर उसकी मांग की है। इसपर जिलाधिकारी ने मल्लाह परिवार से  एक सप्ताह बाद इस संबंध में निर्णय लिये जाने की बात कही है।
                                           
                                                                               

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