आखिर क्यों ? सता रहा बाहुबली मुख्तार अंसारी को डर

आखिर क्यों ? सता रहा बाहुबली मुख्तार अंसारी को डर

गाज़ीपुर । बसपा विधायक मुख्तार अंसारी को डर लग रहा है कि उनकी जेल में हत्या हो सकती है। सोमवार को फर्जी एंबुलेंस मामले में बाराबंकी की एमपी-एमएलए कोर्ट नंबर 4 में वर्चुअल पेशी हुई। सुनवाई के दौरान मुख्तार ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी हत्या के लिए पांच करोड़ की सुपारी दी गई है। कुछ कैदियों को लालच दिया गया है कि उसकी हत्या करने वाले को पैसे तो मिलेंगे ही साथ ही उस पर से सारे मुकदमे भी खत्म कर दिए जाएंगे। मुख्तार इस वक्त बांदा की हाईसिक्योरिटी जेल में बंद हैं।

जेल में आते हैं संदिग्ध लोग

मुख्तार अंसारी के वकील रणधीर सिंह सुमन ने बताया कि इन दिनों बांदा जेल में पुलिस-प्रशासन के आलाधिकारी और कुछ संदिग्ध लोग जेल बुक पर एंट्री किए बिना ही अंदर आते हैं। उनके आने पर जेल के CCTV का डायरेक्शन चेंज कर दिया जाता है। मुख्तार का आरोप यह भी है कि यूपी की जेलों में लगातार हत्याएं हो रही हैं। गाड़ियों के एक्सीडेंट के नाम पर भी लोगों को मारा जा रहा हैं। ऐसे में उसे डर है कि उसकी भी जेल में हत्या की जा सकती है। मुख्तार ने जज से मांग की है कि गेटबुक और CCTV फुटेज की जांच कराई जाए। सारा सच सामने आ जाएगा।

एंबुलेंस मामले में कई लोग जा चुके हैं जेल

मुख्तार अंसारी पंजाब जेल में बंद रहने के दौरान जिस एंबुलेंस का प्रयोग कर रहा था, वह बाराबंकी के एक अस्पताल की थी। पंजाब में मुख्तार की एक पेशी की दौरान यह एंबुलेंस चर्चा में आई थी। जांच के बाद 2 अप्रैल को इस मामले में मऊ की अस्पताल संचालिका डॉ. अलका राय, शेषनाथ राय, मो. सैयद मुजाहिद, राजनाथ यादव, आनंद यादव, शाहिद, सुरेंद्र शर्मा और अफरोज सहित एंबुलेंस चालक सलीम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब एंबुलेंस मामले में मुख्तार की वर्चुअल पेशी हो रही है

मुख्तार अंसारी का क्राइम रिकॉर्ड

मुख्तार अंसारी पर उत्तर प्रदेश भर में 52 केस दर्ज हैं। 15 विचाराधीन मामलों में पुलिस मुख्तार को जल्द सजा दिलाए जाने की कोशिश कर रही है। अंसारी और उसकी गैंग की 200 करोड़ से ज्यादा की संपत्तियों के जब्त करने और की कार्रवाई भी की गई। मुख्तार गैंग के अब तक 100 से ज्यादा अभियुक्त गिरफ्तार किए जा चुके हैं। 75 गुर्गों पर गैंगेस्टर की कार्रवाई यूपी पुलिस ने की है। मुख्तार गैंग के 72 सहयोगियों के आर्म लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। गैंग से जुड़े 7 ठेकेदारों पर भी कार्रवाई की गई।

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