मंत्रोच्चार के साथ खुले मां दुर्गा के पट, दर्शन पाने को जुटने लगे भक्त

मंत्रोच्चार के साथ खुले मां दुर्गा के पट, दर्शन पाने को जुटने लगे भक्त

– शहर में स्थापित माता की प्रतिमाओं का भक्तों ने देर रात तक किया दर्शन

गाजीपुर। शक्ति की अधिष्ठात्रि मां दुर्गा का देवी मंत्रों एवं नेत्र संस्कार के बाद पूजा-पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं के दर्शन के लिए पट खोल दिए गए। सप्तमी तिथि पर पूजा-अर्चना के साथ ही देवी प्रतिमाओं की आंख खोले जाते ही घंटियों, शंखों और मंत्रों की गूंज से शहर से लेकर ग्रामीणांचल का माहौल देवीमय बन गया। मां का जयकारा, भक्ति की अनुभूति दिला रहा था, तो आस्था और साधना का संगम बना रहा। कोरोना के चलते पूजा पंडालों को ज्यादा भव्य रूप न देते हुए ज्यादातर स्थानों पर छोटी प्रतिमा स्थापित की गई, जो लोगों को आकर्षित कर रही हैं। नेत्र संस्कार एवं पट खुलते ही सप्तमी, अष्टमी एवं नवमी की विशेष पूजा अनुष्ठान शुरू हो गया है। सभी पूजा पंडालों में देवी मां की प्रतिमा इतनी आकर्षक थी कि श्रद्धालु सहज ही नतमस्तक हो रहे हैं। कोरोना गाइडलाइन के चलते नवरात्र में इस बार कहीं मेला का आयोजन नहीं किया गया है। चहुंओर वैदिक मंत्रोच्चार और भक्ति गीतों से वातावरण भक्तिमय बन गया है। इस बार पंडालों की भव्यता तो नहीं दिख रही, पर सामान्य स्तर पर ही माता के पंडाल को आकर्षक रूप देने का बखूबी कार्य किया गया है। शारदीय नवरात्र के सातवें दिन मंगलवार को देवी मंडप में आदिशक्ति के काल को जीतने वाले अनंत स्वरूप कालरात्रि की उपासना की गई। देवी आह्वान के मंत्रोच्चार देर रात तक गूंजते रहे। महानिशा में धूपआदि के गंध से वातावरण सुगंधित होता रहा। मंगलवार को नवरात्र की सप्तमी होने के कारण सुबह की आरती पूजन के साथ ही दुर्गापूजा पंडालों के पट दर्शन-पूजन के लिए खोल दिए गए। इसके साथ ही श्रद्धालुओं के आगमन का भी सिलसिला शुरू होने लगा। हर वर्ष आकर्षण का केन्द्र रहने वाले नवाब साहब फाटक के समीप कोरोना गाइडलाइन के चलते प्रतिमा नहीं स्थापित की गयी है। इसके अलावा शहर के गोराबाजार, सिंचाई विभाग चौराहा, नवापुरा, भुतहियाटांड़, बंशीबाजार, लंका, सिटी रेलवे स्टेशन, सकलेनाबाद, महुआबाग-कचहरी रोड, मिश्रबाजार, गोइजीतर-लालदरवाजा, स्टीमरघाट, चीतनाथ आदि स्थानों पर गाइडलाइन का पालन करते हुए मां दुर्गा की प्रतिमा बैठायी गयी है, जहां सप्तमी को वैदिमंत्रोच्चार से पूजन-अर्चन के उपरांत भक्तों के दर्शनार्थ सप्तमी को पट खोल दिया गया है। वहीं सुरक्षा को लेकर जगह-जगह पुलिस के जवान तैनात नजर आये। वहीं पुलिस अधिकारी भी बाराबर चक्रमण कर रहे हैं। हालांकि, सप्तमी के दिन भीड़ कुछ कम नजर आयी, लेकिन अष्टमी व नवमी को काफी भीड़ होना माना जा रहा है।

adminpurvanchal

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *