बाबू सिंह कुशवाहा की ताबड़तोड़ रैलियों से घबराई भाजपा, पाँच साल बाद फिर याद आये कुशवाहा, शाक्य और सैनी

बाबू सिंह कुशवाहा की ताबड़तोड़ रैलियों से घबराई भाजपा, पाँच साल बाद फिर याद आये कुशवाहा, शाक्य और सैनी

गाजीपुर। पूर्व मंत्री बाबू सिंह कुशवाहा के जन अधिकार पार्टी के तत्वाधान में ताबड़तोड़ हो रही रैलियों से भाजपा में भगदड़ मच गई है। यूपी विधान सभा का चुनाव हाथ से फिसलता देख भाजपा हाई कमान से अमित शाह ने मोर्चा संभाल लिया है। कुशवाहा, शाक्य और सैनी का समीकरण बिगड़ता देख उनके नेताओ को आगे कर ताबड़तोड़ जातिगत सम्मेलन की घोषणा कर दी है, वंही योगी अदित्यनाथ ने लखनऊ की सभा मे मौर्यो को खुश करने के लिए इतिहास ही बदल डाला। कहा कि इतिहास में देश के साथ बहुत धोखा हुआ है। चंद्रगुप्त मौर्य ने सिकन्दर को बुरी तरह हराया और इतिहास में सिकन्दर को महान बता दिया गया। जबकि चंद्रगुप्त से सिकन्दर नही बल्कि उसकी मृत्यु के उपरांत उसका सेनापति सेल्युकस लड़ा था।

इन सबसे इतर दलित व अन्य पिछड़ों को जोड़कर बाबू सिंह कुशवाहा ने विकल्प के रूप में एक मंच तैयार कर दिया है, जिसकी लोकप्रियता उसमे उमड़ रही भीड़ से लगाया जा सकता है। बलिया में शानदार प्रदर्शन के बाद सभी बड़े दलों की निगाह गाजीपुर की रैली पर लगी थी, जिमसें उमड़ी भीड़ से सभी दलों के पसीनें छूट गए है। इसमें सबसे ज्यादा बौखलाहट भाजपा में मची हुई है, क्योंकि वे अभी ओम प्रकाश राजभर के झटके से उबरे ही नही थे कि उससे बड़ा झटका बाबू सिंह कुशवाहा ने दे डाला। खास बातचीत में प्रदेश महासचिव अशोक मौर्य ने बताया कि महंगाई को चरम पर पहुचा भाजपा अपनी कब्र पहले ही खोद चुकी है बस जनता को 22 में मिट्टी डालना बाकी है।

ज्ञात हो कि पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर, सरसों के तेल से लगायत सभी चीजों के भाव आसमान छू रहे है जबकि भाजपा ने इन्ही मुद्दों पर 2014 का लोक सभा चुनाव लड़ा था कि हम चुन कर आएंगे तो 100 दिन में महंगाई कम कर देंगे, जो बुरी तरह से फेल नजर आता है।

adminpurvanchal