संगीता बलवंत समर्थक को दौड़ा दौड़ा के पीटा, भाजपाईयों में जबरजस्त आक्रोश

संगीता बलवंत समर्थक को दौड़ा दौड़ा के पीटा, भाजपाईयों में जबरजस्त आक्रोश

गाजीपुर। विधान सभा का चुनाव प्रचार प्रसार अपने चरम पर है, जिले में 7 मार्च को मतदान होना है। चुनावी समर में सभी प्रत्याशियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है, वहीं कुछ अपने आपको पिछड़ता देख के हर संभव हथकंडा अपना रहे है। जीत के लिए पक्ष-विपक्ष आपस में मारपीट तक पर आमादा है, ऐसा ही आरोप सहकारिता मंत्री संगीता बलवंत के समर्थको द्वारा लगाया जा रहा है कि प्रचार प्रसार के दौरान कुछ लोगो ने अकारण ही उन्हें पीट दिया।

घटना के बारे में बताया जा रहा है कि भाजपा से सदर प्रत्याशी संगीता बलवंत जो मौजूदा सरकार में सहकारिता मंत्री भी है के समर्थकों का कथित आरोप है कि चुनाव प्रचार के दौरन जब वे अहीरपुरवा गांव के समीप पहुंचे ही थे कि कुछ अज्ञात लोगो ने अकारण ही उनपर हमला कर दिया और मार के सिर फोड़ कर गाड़ियों पर लगे बैनर पोस्टर फाड़ दिए। वही विपक्ष इसे जनता का विश्वास खो चुकी संगीता बलवंत समर्थकों की सुनियोजित चाल बता रहे है।

2017 विधान सभा चुनाव में रिकार्ड मतों से जीती थी बलवंत

बिंद बाहुल्य सदर क्षेत्र से आने वाली संगीता बलवंत बिंद ने केशव प्रसाद मौर्या के नेतृव्त में लड़े जा रहे 2017 के विधान सभा चुनाव में रिकार्ड मत प्राप्त करते हुए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी राजेश कुशवाहा को 32 हजार से भी अधिक मतों से परास्त किया था। सरकार समाप्ति के समय उनको योगी सरकार में सहकारिता मंत्री भी बनाया गया।

गरीब की बेटी बन कर लड़ी थी चुनाव, मंत्री बन कर बढ़ाया कद

2017 विधान सभा चुनाव में संगीता बलवंत गरीब की बेटी बन कर चुनाव मैदान में आई। एक तो मोदी लहर उसमे से महिला होने के साथ गरीब होने की सहानुभूति में संगीता बलवंत ने रिकार्ड मत प्राप्त कर विजय हासिल की और सरकार के अंत समय सहकारिता मंत्री का पद भी प्राप्त कर धन, बल समेत कई लग्जरी वाहनों की मालकिन बन गयी।

जनता से 5 साल दूर रहने के बाद सीधा चुनाव में हुई प्रगट

जनपदवासियो ने गरीब, असहाय और महिला जान जमकर वोट किया पर चुनाव जीतने के बाद संगीता बलवंत ऐसे गायब हुई जैसे गधे के सर से सिंघ। लगातार पांच साल जनता से दूर रहने के बाद श्रीमती बलवंत सीधा चुनाव के समय प्रगट हुई, जब उनका टिकट कन्फर्म हुआ। चुकी इनको पता था कि क्षेत्र की जनता की नाराजगी के कारण उनको टिकट नहीं मिलेगा।

कोरोना काल में नहीं उठती थी किसी का फोन

2020 के कोरोना काल के आरम्भ से संगीता बलवंत का फोन जनता के लिए उठना बंद हो गया था, जिसकी शिकायत लोगो ने पार्टी पदाधिकारियों से की तो संगीता बलवंत के प्रतिनिधि व उनके पति ने लोगो को बताया कि विधायक जी कोरोना पॉजटिव हो गयी है, किसी से मिल नहीं सकती। संगीता बलवंत के बगैर सदर के जनता की जैसे तैसे पहली लहर बीती, फिर आई दूसरी लहर जिसमे जनता को अस्पताल छोड़िये आक्सीजन सिलेंडर तक नहीं नसीब हो रहे थे। लोग आक्सीजन के आभाव में तड़प तड़प मर रहे थे। उस समय भी संगीता बलवंत ने किसी का फोन नहीं उठाया और उनके प्रतिनिधि/पति का फिर वही कहना था कि विधायक जी कोरोना पॉजिटिव है, बात भी नहीं कर सकती। जिसका एक ऑडियो इस समय सोशल मिडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

पांच वर्षो में जनता से दूरी अब पड़ रही है भारी

लगातार पांच वर्ष जनता से दूर रहने के बाद टिकट मिलाने पर प्रगट हुई संगीता बलवंत को चहुओर विरोध का सामना करना पड़ रहा है। चुकी उनको यह आभास था कि इस दूरी के कारण उनको टिकट नहीं मिलेगा इस कारण वे और भी निष्क्रिय हो गयी। जनता से यह दूरी आज उनको बड़ी भारी पड़ रही है।

सदर सीट पर भाजपा के छूट रहे है पसीने

संगीता बलवंत के पांच वर्ष बिना किसी उपलब्धि व जनता से दूर रहने के कारण आज भाजपा को सदर सीट पर एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है। इसी क्रम में एक माननीय ने जनपद की सभी देवी मंदिरो समेत दर्जनों के घर बर्थडे तो मोदी जी ने लंका, वही गृह मंत्री और मुख्यमंत्री महोदय को पसीना बहाना पड़ रहा है। इनका प्रयास कितना सफल रहता है यह तो अब 10 मार्च को ही साफ़ होगा।

adminpurvanchal