नक़ल माफियाओं का खेला, परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले ही उत्तर पुस्तिकाएं उड़ाया

नक़ल माफियाओं का खेला, परीक्षा केंद्र पर पहुंचने से पहले ही उत्तर पुस्तिकाएं उड़ाया

ग़ाज़ीपुर। सैदपुर कोतवाली अंतर्गत श्री केदारनाथ इंटर कालेज धुवार्जुन में विगत दिनों इंटर के भौतिक विज्ञान की परीक्षा में एसटीएफ ने छापा मार कर पंचायत भवन पर कॉपी लिख रहे लोगो को मौके से ही गिरफ्तार किया। इस सम्बन्ध में एसटीएफ द्वारा 8 लोगो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गयी, जिसमे 6 लोगो को गिरफ्तार भी कर लिया गया है, वंही अभी दो लोग फरार चल रहे है। लेकिन इसी दौरान डीआईओएस ने वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दिया गया है। जिससे नक़ल माफियाओ में खलबली मची हुयी है, वंही वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट ने डीआईओएस के आरोप को सरासर निराधार बताया है।

आठ आरोपियों में से छह हुए गिरफ्तार

ज्ञात हो कि दिनांक 7/4/22को द्वितीय पाली में श्री केदारनाथ इंटर कालेज धुवार्जुन में इंटर के भौतिक विज्ञान की परीक्षा चल रही थी। वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट मुख्य द्वार पर तैनात थे। केंद्र व्यवस्थापक के अलावा किसी और को परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल ले जाने की इजाजत नहीं थी। परीक्षा प्रारम्भ होने के थोड़े ही देर बाद एसटीएफ ने छापा मार कर पंचायत भवन पर कॉपी लिख रहे तीन लोगो को गिरफ्तार कर लिया तथा विद्यालय से केंद्र व्यवस्थापक और उसके पुत्र समेत एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, वंही दो अन्य फरार होने में कामयाब हो गए।

डीआईओएस ने दर्ज कराया एफआईआर

घटना के दूसरे दिन मौके पर जांच करने पहुंचे डीआईओएस ओपी राय ने विद्यालय का मुआयना किया और उत्तर पुस्तिकाओं के विद्यालय के बाहर पहुंचाने के आरोप में वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ सैदपुर कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दिया।

परीक्षा केंद्र पर आने से पहले ही गायब थी उत्तर पुस्तिकाएं

एसटीएफ ने अपने एफआईआर में उत्तर पुस्तिका संख्या 1040685 मिलने का जिक्र किया है। जिसको आधार मानते हुए डीआईओएस ने वाह्य केंद्र व्यवस्थापक एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है, जबकि वाह्य केंद्र व्यवस्थापक गौरव सिंह ने मिडिया को बताया कि उक्त क्रम संख्या की उत्तर पुस्तिका घटना के दूसरे दिन दिनांक 8/4/22को 1040601 से 1040748 प्राप्त कराई गयी, जिसमे से 16 उत्तर पुस्तिकाएं पहले से ही गायब थी। जिसका जिक्र गौरव सिंह प्राप्त करते समय ही कर दिया था।

खबर लिखने वाले जा रहे जेल

शासन-प्रशासन भले ही नक़ल विहीन परीक्षा की लाख दुहाई दे ले पर ऐसी घटनाएं हकीकत कुछ और ही बयां करती है। नक़ल माफियाओं की रसूख का बस इतने से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि खबरे उजागर करने वालों को ही नक़ल माफिया जेल भिजवा दे रहे है। उक्त परीक्षा केंद्र पहले भी सुर्खियों में रहा है उसका इस प्रकार परीक्षा केंद्र बनाया जाना अधिकारियों की अदूरदर्शिता को दर्शाता है। इस सम्बन्ध में डीआईओस ओपी राय से सम्पर्क करने की कोशिश की गयी पर उन्होंने मोबाइल नहीं उठाया।

adminpurvanchal