श्रीनगर में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने दिलाई मनोज सिन्हा को उपराज्यपाल की शपथ

श्रीनगर में हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस ने दिलाई मनोज सिन्हा को उपराज्यपाल की शपथ

पूर्व केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर के नए उपराज्यपाल के रूप में शपथ ली। वह यहां के दूसरे उपराज्यपाल और पहले राजनीतिक व्यक्ति हैं जिन्होंने नए केंद्र शासित प्रदेश में यह जिम्मेदारी संभाली है। गिरीश चंद्र मुर्मू के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुई था। मुर्मू को अब नया सीएजी नियुक्त किया गया है। राजभवन में आयोजित एक संक्षिप्त कार्यक्रम में जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने सिन्हा को शपथ दिलायी। इससे पूर्व मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने सिन्हा को जम्मू कश्मीर का उपराज्यपाल नियुक्त किए जाने संबंधी राष्ट्रपति के आदेश को पढ़ कर सुनाया। शपथ ग्रहण समारोह में चुनिंदा अतिथि ही शामिल हुए। पहले उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने 5 अगस्त को पद से त्यागपत्र दिया था और कल उन्हें भारत का नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति भवन ने कल सुबह मुर्मू के त्यागपत्र को स्वीकार किए जाने और सिन्हा को उपराज्यपाल नियुक्त किये जाने की घोषणा की थी। घोषणा के बाद सिन्हा गुरुवार दोपहर श्रीनगर पहुंच गए थे और शपथ व कार्यभार ग्रहण करने से पहले कल दिनभर उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक की और परिस्थितियों की जानकारी ली। मनोज सिन्हा का जन्म 1 जुलाई 1959 को पूर्वी उत्तर प्रदेश में गाजीपुर जिले के मोहनपुर में हुआ था। वह पूर्वी उत्तर प्रदेश के पिछड़े गांवों के विकास के लिए सक्रिय रूप से काम करते रहे हैं। अपने क्षेत्र में ‘विकास पुरुष’ के नाम से विख्यात सिन्हा का राजनीतिक करियर 1982 में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्र संघ का अध्यक्ष चुने जाने के साथ शुरू हुआ। वह 1989 से 1996 तक भाजपा की राष्ट्रीय परिषद के सदस्य रहे। सिन्हा तीन बार लोकसभा सदस्य रहे हैं। वह 1996 में पहली बार लोकसभा के लिए चुने गए और उन्होंने 1999 में दोबारा जीत हासिल की। 2014 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने तीसरी बार जीत दर्ज की। इसी साल भाजपा ने केंद्र की सत्ता में वापसी की।  सिन्हा ने 2016 में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के तौर पर संचार मंत्रालय संभाला। इस दौरान संचार उद्योग स्पेक्ट्रम की बिक्री में जुटा था।

adminpurvanchal